आगरा में ‘रंगोदय 2025’ महोत्सव की तैयारियां तेज, दिखेगी लघु भारत की झलक
आगरा। ताजनगरी आगरा में जल्द ही देश की सांस्कृतिक विविधता की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। संस्कार भारती नाट्य केंद्र आगरा द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, मिल्टन पब्लिक स्कूल और आगरा के कलाप्रेमियों के सहयोग से रंगोदय 2025 का आयोजन किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन मणिपुर के वरिष्ठ रंगकर्मी के. बी. शर्मा और असम की वरिष्ठ रंगकर्मी पाखिला कलिता की स्मृति में किया जा रहा है, जिसमें देश के कई राज्यों की संस्कृतियों का संगम होगा।
24 सितंबर को यूथ हॉस्टल में इस महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया गया, जिसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्था के पदाधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। यह 21वां राष्ट्रीय नाट्य नृत्य महोत्सव और राष्ट्रीय सम्मान समारोह 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक अवधपुरी स्थित मिल्टन पब्लिक स्कूल में होगा।
आयोजन की खास बातें
- रंगग्राम: मिल्टन पब्लिक स्कूल परिसर को एक भव्य रंगग्राम का रूप दिया जा रहा है, जहां कलाकारों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
- कलाकारों का संगम: संस्कार भारती नाट्य केंद्र के अध्यक्ष पंकज सक्सैना ने बताया कि संस्थापक निदेशक नाट्यशिल्पी केशव प्रसाद सिंह के निर्देशन में आयोजित इस महोत्सव में देशभर से दर्जनों टीमों के सैकड़ों कलाकार भाग ले रहे हैं।
- कला का सम्मान: महोत्सव संयोजक अजय दुबे ने बताया कि अतिथि कलाकारों के लिए आगरा के ऐतिहासिक स्थलों के अवलोकन की भी व्यवस्था की गई है। महोत्सव के प्रधान संरक्षक डॉ. राहुल राज ने कहा कि रंगग्राम को एक अनूठा स्वरूप दिया जा रहा है और आगरा की कई शख्सियतों को मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है।
- सामाजिक महत्व: संरक्षक और मीडिया प्रभारी डॉ. महेश चंद्र धाकड़ ने बताया कि इस बार मणिपुर के कलाकार भी यहां आ रहे हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी कला-संस्कृति के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। महोत्सव का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण भी किया जाएगा।
- कार्यक्रमों की श्रृंखला: उपाध्यक्ष स्वामी दास अरोरा ने बताया कि महोत्सव का उद्घाटन 3 अक्टूबर को शाम 6 बजे रंगग्राम के उद्घाटन के साथ होगा। सचिव नीता तिवारी ने बताया कि 4 अक्टूबर को सुबह 10 बजे नृत्य प्रतियोगिताओं और शाम 5 बजे नाट्य प्रतियोगिताओं का उद्घाटन होगा। 5 और 6 अक्टूबर को शास्त्रीय और लोक नृत्य प्रतियोगिताएं होंगी।
रंग जुलूस और सम्मान समारोह
7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे राजामंडी स्टेशन से एक भव्य रंग जुलूस निकाला जाएगा, जो शहीद स्मारक पर जाकर समाप्त होगा। इसी दिन शाम 6 बजे समापन समारोह होगा, जिसमें ‘गधे की बारात’ नाटक का मंचन और चयनित नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा। सम्मान समारोह संयोजक उमा शंकर मिश्र ने बताया कि रात 8 बजे से आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में देशभर के वरिष्ठ और युवा कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा। कोषाध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। संगठन मंत्री प्रमेंद्र पाल सिंह ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए कई कमेटियों का गठन किया गया है।
भाग लेने वाले प्रमुख दल
महोत्सव में विभिन्न राज्यों के नाट्य और नृत्य दल हिस्सा ले रहे हैं। नाट्य निर्देशक चंद्र शेखर के अनुसार, इनमें चूंग थांग क्रिएटिव आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (मणिपुर), अंग नाट्य मंच (बिहार), अभिनायक रंगमंच (दिल्ली), सरना नव युवक संघ (राउरकेला), थियेटर मूवमेंट (कटक), आह्वान (उड़ीसा), माध्यम संस्थान (प्रयागराज), तरकश लोक कला एवं कल्याण समिति (झांसी), माधव रंगमंडल (बरेली), अनुभूति सेवा समिति (शाहजहांपुर), बीइंग कलाकार (मुंबई), तक्षशिला गोहारी (असम), उत्तर दक्षिण (कोलकाता) और कई अन्य दल शामिल हैं।
नृत्य निर्देशक डॉ. मनु शर्मा और संगीत निर्देशक डॉ. विभा ने बताया कि नृत्य प्रस्तुतियां देने वाले दलों में गुरु अंभुगाल डांस म्यूजिक सेंटर (मणिपुर), नृत्यांगन कथक कला केंद्र (अजमेर), रस कला संगीत महाविद्यालय (कटनी), ध्रुपद डांस एकेडमी (इंदौर), अनुरोध साहित्य कला केंद्र (आजमगढ़), महाश्वेता कला केंद्र (साहिबगंज) और चंद्रकांत पाटकर विद्यालय (मुंबई) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
इस आयोजन में सह सचिव अंकित कुमार सिंह, स.प्र. अधिकारी राजेश मल्होत्रा, कार्यकारिणी सदस्य संजय चतुर्वेदी, अनीता परिहार, दीपक जैन, वाणी सक्सैना और सदस्य सुधीर कुमार, अर्निका माहेश्वरी, राजीव सिंघल, संदीप अरोड़ा भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
