
आगरा। सोमवार को आगरा शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण शहरभर में भीषण जाम के हालात देखने को मिले। एमजी रोड, मदिया कटरा चौराहा और बोदला चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
देहली गेट से मदिया कटरा तक रेंगते रहे वाहन
शहर के मुख्य मार्गों पर जाम का ऐसा आलम था कि देहली गेट से मदिया कटरा तक महज 500 मीटर की दूरी तय करने में 15 से 20 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा था। यह जानकारी एक राहगीर महेश ने दी, जो इस जाम में फंसे हुए थे।
सोमवार दोपहर एक बजे आवास विकास की ओर आने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लोहमंडी से मदिया कटरा की ओर आने वाले वाहन भी जाम में बुरी तरह फंसे रहे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब दोपहर में स्कूलों की छुट्टी हुई। दिल्ली गेट से मदिया कटरा तक वाहन रेंग-रेंग कर चले। इस भीषण जाम में लगभग 15 मिनट तक एक एंबुलेंस भी फंसी रही, जो चिंता का विषय है।
यात्री परेशान, पैदल चलने को मजबूर
मदिया कटरा चौराहे पर जाम में फंसी एक महिला गौरा ने बताया कि वह ऑटो में बैठी थीं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद उन्हें ऑटो से उतरकर पैदल ही आगे जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह समस्या अब रोज की बात हो गई है, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों खत्म हो रहे हैं।

एमजी रोड पर भी जाम, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बेबस
बोदला चौराहे पर भी हमेशा की तरह भारी जाम लगा रहा। एमजी रोड पर चल रहे मेट्रो के काम और स्कूल की छुट्टी के समय दोपहर बाद से ही यहाँ वाहन रेंगते हुए नजर आए। नाई की मंडी से लगभग हरिपर्वत चौराहे तक जाम जैसे हालात बने रहे। संकरी सड़कों, गड्ढों और यातायात के अत्यधिक दबाव से लोग बेहाल दिखे। ट्रैफिक पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात होकर जाम खुलवाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने और वैकल्पिक मार्ग खोलने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर मेट्रो कार्य के साथ-साथ ट्रैफिक प्लानिंग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। यह घटना शहरी विकास परियोजनाओं के साथ-साथ यातायात प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर करती है।