
आगरा। आगरा के थाना पिढोरा के गांव पोखरा गगनकी में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बाउंड्री वॉल और गेट गिरने से 10 वर्षीय एक छात्रा चांदनी की मौत हो गई। बारिश की सीलन को इस हादसे की वजह बताया जा रहा है। इस घटना में तीन अन्य बच्चियां राधिका, दिव्या और निशा बाल-बाल बच गईं।
स्कूल के बाहर खेल रही थी चांदनी, मलबे में दबकर हुई मौत
यह हादसा गुरुवार शाम करीब चार बजे हुआ, जब विद्यालय की लगभग 30 मीटर लंबी बाउंड्रीवॉल और तीन मीटर का गेट बारिश की सीलन के कारण अचानक ढह गया। उस समय विद्यालय के बाहर कई बच्चे खेल रहे थे। बाउंड्रीवॉल का मलबा सीधे कक्षा पांच की छात्रा चांदनी के ऊपर गिरा।
ग्रामीणों ने शोर सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचकर चांदनी को मलबे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। यह घटना पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल पैदा कर गई है।
मुंबई में मजदूरी करते हैं पिता, परिवार में मचा कोहराम
मृतक चांदनी के पिता केशव मुंबई में मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटियां – चांदनी (10), राधिका (5), दुर्गेश (3) और एक बेटा प्रदीप (8) है। इस दर्दनाक घटना के बाद चांदनी की मां जमुनादेवी, दादी फूलों देवी और दादा बदन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जर्जर घोषित होने के बावजूद चल रहा था स्कूल, शिक्षक भी नदारद
ग्रामीणों के अनुसार, इसी साल जुलाई में विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद यहाँ शिक्षण कार्य जारी था, जो प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पिछले दो दिनों से कोई शिक्षक विद्यालय नहीं आया था।
घटना की सूचना मिलने पर राजस्व टीम के कानूनगो रामनिवास, लेखपाल राघवेन्द्र गौतम और प्रधान राजेश भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुखद बात यह भी रही कि गगनकी गांव तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिसके कारण बच्ची के शव को ले जाने के लिए यमुना के किनारे ट्रैक्टर से रास्ता बनाकर निकाला गया। यह स्थिति गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को भी उजागर करती है।