आगरा को मिली बड़ी सौगात: यमुना पार ₹412 करोड़ की पेयजल लाइन बिछेगी, 5 लाख लोगों को मिलेगा शुद्ध पानी!

आगरा। आगरा में पेयजल संकट से जूझ रहे यमुना पार के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार के अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत आगरा पेयजल पुनर्गठन योजना (ट्रांस यमुना जोन-I और II) को मंजूरी दे दी गई है, जिसकी कुल लागत 412 करोड़ रुपये है। इस महत्वाकांक्षी योजना से यमुना पार के लगभग 5 लाख लोगों को स्वच्छ और शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने प्रेस वार्ता के दौरान इस महत्वपूर्ण जानकारी दी। एत्मादपुर को भी मिला ₹37 करोड़ का तोहफा, काम जल्द होगा शुरू केंद्रीय मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने बताया कि इस 412 करोड़ रुपये की योजना के लिए 60 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, और जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यमुना पार के लोगों को इस योजना से शुद्ध पेयजल मिलेगा। इसके साथ ही, एत्मादपुर नगर पालिका परिषद के लिए भी अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत 37.72 करोड़ रुपये की पेयजल आपूर्ति योजना को मंजूरी मिली है। इससे एत्मादपुर के 25 वार्डों के करीब 30 हजार लोगों को स्वच्छ पेयजल का लाभ मिलेगा। मेयर हेमलता दिवाकर ने इस योजना के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगरा की जनता ने सरकार को बहुत कुछ दिया है, इसलिए उनका भी फर्ज बनता है कि जनता को सभी सुविधाएं मिलें। उन्होंने राज्य विकास मंत्री ए.के. शर्मा का भी धन्यवाद किया। विधायक धर्मपाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या थी, जो अब नई पाइपलाइन के जरिए शुद्ध पानी मिलने से दूर होगी। क्या है योजना? अत्याधुनिक WTP और 11 वार्डों को लाभ इस योजना के तहत यमुना नदी के पानी को शुद्ध करने के लिए एक अत्याधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का निर्माण किया जाएगा। इस प्लांट में MBBR तकनीक, अल्ट्रा फिल्ट्रेशन और RO सिस्टम का उपयोग कर पानी को उच्च गुणवत्ता तक शुद्ध किया जाएगा। शुद्ध किए गए पानी को फिर एक व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा। इस योजना से ट्रांस यमुना जोन-1 और जोन-2 के कुल 11 वार्डों को सीधा लाभ मिलेगा। इनमें कछपुरा, नाऊ की सराय, भगवती बाग, सीतानगर, ट्रांस यमुना फेज-1, शाहदरा, नरायच पश्चिम, नरायच पूर्व, यमुना पार प्रकाश नगर, नवलगंज और टेडीबगिया शामिल हैं। योजना की प्रगति के बारे में बताया गया कि पैकेज-1 के लिए मैसर्स ईएमएस लिमिटेड, नई दिल्ली को कार्यादेश जारी करने की कार्यवाही चल रही है, जबकि पैकेज-2 के लिए मैसर्स जिओ मिलर-जैनको (जेवी), नई दिल्ली के साथ अनुबंध किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे आगरा में पेयजल आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।

आगरा में व्यापारियों का ‘हाउस टैक्स’ पर हंगामा: नगर निकायों पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, बोले- ‘मनमाने तरीके से बढ़ा रहे टैक्स, सीवर-जलकर की भी लूट!’

आगरा। आगरा में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के खिलाफ व्यापारियों ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश ने आज नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कहा कि स्थानीय निकाय G.I. सर्वे के नाम पर मनमाने तरीके से हाउस टैक्स बढ़ा रहे हैं, जबकि सरकार के 28 जून 2024 के आदेश को दरकिनार किया जा रहा है। “सीवर नहीं, फिर भी सीवर टैक्स! पेयजल का अभाव, फिर भी जलकर वसूली!” संगठन के महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में सीवर की सुविधा तक नहीं है, वहाँ भी सीवर टैक्स वसूला जा रहा है। इसके अलावा, बाजारों में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था न होने के बावजूद जलकर वसूली जारी है। व्यापारियों ने मांग की है कि बाजारों में वाटर कूलर लगाए जाएं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर निगम और पालिका के अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तरों में उपलब्ध नहीं रहते, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है। साथ ही, बरसात में जलभराव, कूड़ा निस्तारण में लापरवाही, और सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट आदि की बदहाल स्थिति से व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। “आवारा जानवरों का आतंक, अतिक्रमण पर आंखें मूंदे प्रशासन” संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि नगर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है। वहीं, शहर की बड़ी समस्या अतिक्रमण और जाम को दूर करने के लिए स्ट्रीट वेंडर अधिनियम 2014 को अब तक ठीक से लागू नहीं किया गया है। व्यापारियों की ओर से मांग की गई है कि इन सभी समस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे और संबंधित निकायों को जवाबदेह बनाया जाए। ज्ञापन देने आए प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नरेश पांडे, मुकेश सिंह, मनोज गुप्ता, संजय गुप्ता, कपूर चंद रावत आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। व्यापारियों का यह विरोध नगर निकायों के कामकाज पर सवालिया निशान लगाता है और उनकी जवाबदेही की मांग करता है।

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