आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन का ‘आक्रामक’ बयान: बोले- “जब तक दलित-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, धर्म परिवर्तन नहीं रुकेगा!”

आगरा। आगरा में हालिया धर्मांतरण के खुलासे के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन का एक बेहद आक्रामक बयान सामने आया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि “जब तक हिंदू धर्म के जो ठेकेदार हैं, अपना मिजाज नहीं बदलेंगे, सोचने का तरीका नहीं बदलेंगे, दलितों-पिछड़ों को हिंदू समाज का अंग नहीं समझेंगे, तब तक धर्म परिवर्तन की संभावनाओं को कोई रोक नहीं सकता।” “असमानता के चलते हो रहा धर्मांतरण” सांसद रामजीलाल सुमन ने शनिवार को फिरोजाबाद में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि हिंदू धर्म में व्याप्त असमानता के चलते ही धर्म परिवर्तन हो रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक ऊंच-नीच का भेदभाव रहेगा, तब तक धर्म परिवर्तन होता रहेगा। उनके इस बयान के बाद जब दैनिक भास्कर ने उनके आवास पर इस मुद्दे पर बातचीत की, तो उन्होंने अपनी बात को और विस्तार दिया। “हमारे आचरण, व्यवहार और सोच से हुआ धर्म परिवर्तन” सपा सांसद का कहना है कि जो सनातन के मानने वाले लोग हैं, उन्होंने जब दलितों का मंदिर जाना रोक दिया, तो वे बजाय मंदिर के गुरुद्वारा-मस्जिद में चले गए। उन्होंने साफ कहा कि “कुल मिलाकर ये है कि धर्म परिवर्तन हमारे आचरण की वजह से हुआ…हमारे व्यवहार से हुआ, हमारे संस्कार और सोच से हुआ।” उन्होंने धर्मांतरण का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि हमने कुछ वर्गों को जानबूझकर अलग कर दिया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष को मंदिर में नहीं जाने दिया गया, और उज्जैन में बीजेपी के एमएलए को मंदिर में नहीं जाने दिया गया। सांसद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का भी उदाहरण दिया, कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री आवास छोड़ा तो उसे गंगाजल से साफ किया गया था। रामजीलाल सुमन के अनुसार, “ये सबका सीधा-सीधा मतलब ये है कि कुछ वर्गों को आपने जानबूझकर अलग कर रखा है।” “लालच नहीं, असमानता है धर्मांतरण की वजह” धर्मांतरण के मामले को नया न बताते हुए रामजीलाल सुमन ने तर्क दिया कि अगर धर्मांतरण किसी लालच में होता है या किसी अन्य वजह से होता है तो वे इसके विरोधी हैं। मगर, हमें असल वजह पर जाना होगा कि इस देश में धर्मांतरण क्यों होता है? उनका मानना है कि “देश में धर्मांतरण तब होता है, जब किसी मजहब या धर्म में समानता का भाव नहीं होता। तब लोग दूसरे रास्ते की तलाश करते हैं।” कुछ लोग हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, इस पर सांसद ने कहा कि इंडोनेशिया के बाद सबसे अधिक मुसलमान हमारे देश में रहते हैं। दलित, पिछड़े लोग हैं। उनका साफ कहना है कि “अगर समानता का व्यवहार नहीं करेंगे तो आप जो करना चाहते हैं, वह नहीं होगा।”

राहुल गांधी का ‘मोदी’ पर तीखा वार: “सिर्फ शो-बाजी, उनमें दम नहीं! लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है” – OBC सम्मेलन में गरजे कांग्रेस नेता

नई दिल्ली। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस की OBC सेल द्वारा आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने PM मोदी की ‘शो-बाजी’ पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उनमें ‘दम नहीं’ है और उन्हें लोगों ने बेवजह ‘सिर पर चढ़ा रखा है’। राहुल बोले – “मेरी गलती, अब OBC जनगणना करवाकर रहूंगा” राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूछा, ‘आपको पता है, राजनीति में सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या है?’ जब कार्यकर्ताओं ने ‘PM मोदी’ जवाब दिया, तो राहुल ने कहा, “नरेंद्र मोदी कोई बड़ी प्रॉब्लम नहीं हैं। मैं उनसे दो-तीन बार मिल चुका हूं। उनकी सिर्फ शो-बाजी है। उनमें दम नहीं है। उन्हें लोगों ने सिर पर चढ़ा रखा है।“ राहुल ने इस मौके पर कांग्रेस शासित राज्यों में जातिगत जनगणना कराने की भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने स्वीकार किया, “मेरे काम में एक कमी रह गई। मुझे OBC वर्ग की जिस तरह से रक्षा करनी थी, मैंने नहीं की। 10-15 साल पहले मुझे OBC के मुद्दे गहराई से नहीं समझ आए थे। अगर मुझे पता होता तो मैं उसी वक्त जातिगत जनगणना करवा देता।” उन्होंने इसे अपनी गलती मानते हुए सुधारने का संकल्प लिया और कहा, “आप मेरी बहन प्रियंका से पूछिएगा कि अगर राहुल ने किसी काम के लिए मन बना लिया तो उस बात को वो छोड़ेगा या नहीं? मैं नहीं छोड़ने वाला।” राहुल के भाषण की 3 बड़ी बातें: खड़गे का PM मोदी पर पलटवार: “झूठों के सरदार हैं, खुद को OBC बोलकर सता रहे हैं!” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सम्मेलन में PM नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठों के सरदार हैं। झूठ बोलना उनका काम है। वे संसद में भी झूठ बोलते हैं। PM मोदी सिर्फ तकरीर (भाषण) करते रहते हैं। खुद कहते हैं कि मैं नॉन-बायोलॉजिकल हूं, मुझे भगवान ने भेजा है।“ खड़गे ने PM मोदी पर 2 करोड़ नौकरी, कालाधन वापस लाने, 15-15 लाख रुपये देने, किसानों को MSP और पिछड़े समुदायों की आमदनी बढ़ाने जैसे वादों पर ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा, “मोदी खुद को OBC बोलते हैं, जबकि वो पहले अपर कास्ट में थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी कम्युनिटी को OBC लिस्ट में डाल दिया। OBC के लोगों के बीच कहते हैं कि मैं पिछड़ा वर्ग का हूं, मुझे सताया जाता है। लेकिन अब वो सबको सता रहे हैं।” केंद्र की जातीय जनगणना की तैयारी: अगले साल अक्टूबर से होगी शुरुआत कांग्रेस के ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व CM अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल, कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित कई बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस के OBC डिपार्टमेंट का नया लोगो भी लॉन्च किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य मकसद देश के सभी OBC नेताओं को एक साथ लाना और OBC मुद्दों पर नियमित वर्कशॉप आयोजित करना है, जिसमें हर राज्य की राजधानी में जाति सर्वेक्षण भी शामिल है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को देश में जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया था। आजादी के बाद यह पहली जातीय जनगणना होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि जातीय जनगणना को मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। गृह मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, जनगणना दो फेज में होगी। पहला फेज 1 अक्टूबर 2026 से चार पहाड़ी राज्यों में और दूसरा फेज 1 मार्च 2027 से बाकी राज्यों में शुरू होगा। देश में अब तक कुल 8 बार जातीय जनगणना हुई है (7 बार ब्रिटिश काल में और एक बार 2011 में, जिसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं हुए)।

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