आगरा में ‘जाम’ का नया संकट: MG रोड के बाद अब हाईवे सर्विस रोड भी होगी संकरी, मेट्रो ने बढ़ाई ‘मुसीबत’!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की यातायात व्यवस्था को लगातार चुनौती दे रहा है। एमजी रोड पर पहले से ही जाम की समस्या झेल रहे आगरावासियों के लिए अब एक और मुश्किल खड़ी होने वाली है। नेशनल हाईवे-19 की सर्विस रोड भी मेट्रो के काम के लिए संकरी होने जा रही है। भगवान टॉकीज से अबुल उलाह की दरगाह तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जा रही है, जिससे यह महत्वपूर्ण सर्विस रोड केवल 4 मीटर चौड़ी रह जाएगी! अबुल उलाह से सुल्तानगंज की पुलिया तक सर्विस रोड पर पहले से ही बैरिकेडिंग हो चुकी है। हाईवे पर ‘संकट’ गहराया: ISBT से गुरु का ताल तक पहले से बंद सर्विस रोड यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब हाईवे पर खंदारी से सिकंदरा के बीच पहले से ही मेट्रो का काम चल रहा है। इस वजह से ISBT से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक एक तरफ की सर्विस रोड लगभग बंद है, जिससे पूरे शहर का यातायात नेशनल हाईवे पर ही दौड़ रहा है। पहले चरण में भगवान टॉकीज से सुल्तानगंज पुलिया तक 4 मीटर चौड़ी सर्विस रोड से वाहन दौड़ेंगे, और जल्द ही इससे आगे तक बैरिकेडिंग की तैयारी की जाएगी। मेट्रो ने सुल्तानगंज की पुलिया पर दो रिंग मशीनें लगा दी हैं और भगवान टॉकीज से रामबाग जाने वाली सर्विस रोड पर भी बैरिकेडिंग की तैयारी पूरी कर ली है। व्यापारियों की बढ़ी ‘चिंता’: कारोबार पर पड़ेगा असर भगवान टॉकीज से अबुल उलाह दरगाह तक सर्विस रोड करीब 8 से 9 मीटर चौड़ा है। यह क्षेत्र कार डेकोरेशन, ऑटो पार्ट्स, पेठा कारोबारी, मोटरसाइकिल, ई-व्हीकल, कार डीलरशिप, होटल और हलवाई सहित विभिन्न व्यवसायों का गढ़ है। दिनभर यहां हजारों गाड़ियां रोड पर खड़ी होती हैं और उनमें काम होता है, जिससे पहले से ही जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में बैरिकेडिंग के बाद यहां व्यापारियों और ग्राहकों, दोनों के लिए मुश्किल और बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। आगरा में बन रहे दो मेट्रो कॉरिडोर: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) आगरा में 29.4 किलोमीटर लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बना रहा है: पहला कॉरिडोर लगभग 2 किलोमीटर और दूसरा कॉरिडोर करीब 7 किलोमीटर तक हाईवे सर्विस रोड पर चलेगा, जिससे इन इलाकों में यातायात की चुनौती और बढ़ेगी। आगरा में नेशनल हाईवे-19 लगभग 24 मीटर चौड़ा है, जिसकी दोनों लेन 12-12 मीटर की हैं और सर्विस रोड 7.5 मीटर की है।

आगरा में ‘जाम’ का ‘जाल’: MG रोड पर मेट्रो ने बिछाया ‘बैरिकेडिंग का मायाजाल’, वैकल्पिक रास्ते हैं…पर ‘अंधेरे में’ भटक रहे लोग!

आगरा। आगरा में मेट्रो का काम शहर की रफ्तार को ‘जाम’ कर रहा है! एमजी रोड पर मेट्रो निर्माण के चलते लगी बैरिकेडिंग ने यातायात को ‘धीमा’ कर दिया है, जिससे लोग रोज घंटों जाम में फंसने को मजबूर हैं। जिला प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक रास्तों का प्लान तो बनाया, लेकिन सबसे बड़ी चूक ये हुई कि इन रास्तों पर कोई संकेतक (साइनबोर्ड) नहीं लगाए गए! नतीजा ये कि लोग इन वैकल्पिक रास्तों से अनजान हैं और ‘जाम’ के दलदल में फंसकर परेशान हो रहे हैं। एमजी रोड पर ‘संकरा’ रास्ता, स्कूलों की छुट्टी में ‘महाजाम’ प्रतापपुरा चौराहे से सूरसदन तक एमजी रोड पर मेट्रो का काम चल रहा है, जिससे कई जगह बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इसने रोड को इतना ‘संकरा’ कर दिया है कि रोज जाम लगना आम बात हो गई है। स्कूलों की छुट्टी के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब बच्चों के वाहन भी घंटों जाम में फंसे रहते हैं। प्लान तो बना, पर ‘दिशाहीन’ हुए वाहन चालक! जिला प्रशासन ने जाम से राहत के लिए कुछ वैकल्पिक रास्ते सुझाए थे, लेकिन बिना संकेतकों के वे किसी काम के नहीं आ रहे: मदिया कटरा निवासी मनोज मिश्रा ने बताया कि मदिया कटरा पर रोज जाम में फंसना पड़ रहा है। 5 मिनट का रास्ता 30 मिनट में तय होता है। उनका कहना है कि अंदरूनी मार्ग भी वाहनों के बढ़ते दबाव को झेल नहीं पा रहे हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन ने प्लान तो बना लिया, लेकिन उसे ज़मीन पर उतारने में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों बरती? जब तक सही संकेतक नहीं लगेंगे, तब तक आगरा की जनता को इस ‘जाम’ के जाल से मुक्ति मिलना मुश्किल है।

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