गोली के बदले गोली! आगरा में ‘खूनी रात’ का बदला, भाजपा नेता को कान में सटाकर गोली मारने वाला सोहेल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली!

आगरा। आगरा के व्यस्ततम एमजी रोड पर बुधवार देर रात हुए सनसनीखेज गोलीकांड के आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। भाजपा नेता सुमित दिवाकर को कान में सटाकर गोली मारने वाले मुख्य आरोपी सोहेल के पैर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई ने शहर में अपराधियों के बुलंद होते हौसलों पर पुलिस के सख्त रुख को दर्शाया है। MG रोड पर ‘खूनी रात’: भाजपा नेता सुमित दिवाकर पर जानलेवा हमला घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे की है, जब न्यू आगरा के नगला पदी निवासी और भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर एमजी रोड स्थित शाह मार्केट के बाहर एक अंडे के ठेले पर खड़े थे। तभी अचानक पीछे से आए तीन हमलावरों – सोहेल, राजा और शाहरुख – में से सोहेल ने सुमित के कान पर तमंचा सटा दिया। सुमित दिवाकर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए।” गोली लगने के बाद सुमित लहूलुहान होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली की आवाज सुनकर आसपास खड़े लोगों में भगदड़ मच गई और इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’ गोली लगने और बेहोश होने के बाद जब सुमित को होश आया, तो उन्होंने किसी की मदद का इंतजार नहीं किया। खून से लथपथ हालत में वे घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित हरीपर्वत थाने तक पैदल चलकर पहुंचे और अपनी खौफनाक दास्तान पुलिस को सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो आज मेरा भेजा उड़ जाता।” पुलिस ने तत्काल उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हमले के पीछे पुरानी रंजिश और ‘विशेष समुदाय’ का एंगल सुमित दिवाकर के दोस्त दीप विनायक ने घटना के पीछे शाह मार्केट निवासी सोहेल का हाथ होने का शक जताया था। दीप के अनुसार, सोहेल से सुमित का पहले भी विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत थाना हरीपर्वत में दर्ज कराई गई थी, तब सोहेल ने सुमित को जान से मारने की धमकी भी दी थी। खुद सुमित दिवाकर ने भी इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया। उन्होंने भास्कर को बताया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख ‘विशेष समुदाय’ से आते हैं। सुमित ने आरोप लगाया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी, जब सुमित ने बजरंग दल कार्यकर्ता सोनू का साथ दिया था। सुमित ने उस धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी, जिसके बाद कुछ लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई हुई थी, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह जानलेवा हमला किया। सुमित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके रह रहे हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन: मुठभेड़ में पकड़ा गया मुख्य आरोपी सोहेल भाजपा नेता पर जानलेवा हमले की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नरेट आगरा में हड़कंप मच गया। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों की तलाश के लिए तुरंत टीमें गठित की गईं। गुरुवार देर रात, सघन चेकिंग अभियान के दौरान थाना हरीपर्वत पुलिस, सर्विलांस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि मुख्य अभियुक्त सोहेल पालीवाल पार्क से गुजर रहा है। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन सोहेल ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सोहेल के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सोहेल को तत्काल इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इस घटना और उसके बाद की त्वरित पुलिस कार्रवाई ने आगरा में कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच एक मजबूत संदेश दिया है कि अपराधी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, खासकर एमजी रोड जैसे अति-सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में भी पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने में पीछे नहीं हटेगी। फरार आरोपियों राजा और शाहरुख की तलाश जारी है।

पढ़िए नेताजी की आपबीती, विस्तृत जानकारी: कान में सटाकर भाजपा नेता को मारी गोली, ‘आज मेरा भेजा उड़ जाता!’, लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर चलकर थाने पहुंचे सुमित दिवाकर

आगरा। आगरा में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने शहर के सबसे व्यस्त इलाके में भाजपा नेता पर जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार देर रात शाह मार्केट में अंडे खाने गए भाजपा नेता और डेयरी व्यवसायी सुमित दिवाकर को तीन हमलावरों ने कान में सटाकर गोली मार दी। गोली चमत्कारी रूप से उनके कान को छूकर निकल गई, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। गोली लगने के बाद सुमित बेहोश हो गए, लेकिन होश आने पर वह लहूलुहान हालत में खुद ही 500 मीटर दूर हरीपर्वत थाने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, “अगर, मेरा हाथ नहीं लगता तो मेरा भेजा उड़ जाता।” चश्मदीद सुमित दिवाकर की जुबानी: मौत को छूकर लौटे “मैं शाह मार्केट काम से गया था। वहां से बाहर निकलकर अंडे खाने के लिए ठेले पर पहुंचा। वहां पहले से ही तीन युवक सोहेल, राजा और शाहरुख बैठे थे। मैं जैसे ही पहुंचा, पीछे से सोहेल ने मेरे कान पर तमंचा सटा दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही मैंने पलटा और हाथ मारा। मेरा हाथ लगने से असलहे का मुंह थोड़ा दूसरी ओर हो गया और गोली के छर्रे मेरे कान को छूकर निकल गए। मैं खून से लथपथ होकर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। तब तक हमलावर भाग निकले।” यह खौफनाक दास्तान भाजपा महानगर के कार्य निर्माण विभाग के सह संयोजक सुमित दिवाकर ने पुलिस और भास्कर को सुनाई। यह पूरा मामला बुधवार रात करीब 11:30 बजे आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के शाहपुर का है, जो शहर के अति-व्यस्त एमजी रोड से सटा हुआ है। बेहोशी से होश में आए और खुद ही पहुंचे थाने तक सुमित दिवाकर ने बताया कि गोली लगने के बाद वे जमीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए थे। हमलावरों के भाग जाने के बाद कुछ लोग ठेले के पास पहुंचे और उनके चेहरे पर पानी डाला। कुछ देर बाद होश आने पर वह किसी की मदद का इंतजार किए बिना ही घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित थाना हरीपर्वत तक पैदल चलकर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि हमलावर युवक की आहट से वह सतर्क हो गए थे। “मुझे लगा कि मेरे कान में चींटी रेंग रही है। इसी कारण मैंने कान के पास हाथ मारा और पीछे की तरफ घूम गया। जिससे तमंचे की गोली की दिशा मुड़ गई और मैं बच गया।” गोली की आवाज सुनकर ठेले के आसपास खड़े लोगों में भी भगदड़ मच गई थी। हमले की वजह: राजनीतिक रंजिश और पुरानी धमकी का शक, ‘विशेष समुदाय’ से ताल्लुक सुमित दिवाकर ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश और पुरानी दुश्मनी का शक जताया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि “मेरी आरोपियों से कोई दुश्मनी नहीं है। हो सकता है मेरी राजनीति के कारण नाराज हों।” उन्होंने साफ आरोप लगाया कि गोली मारने वाले आरोपी जज कंपाउंड निवासी सोहेल, राजा और शाहरुख विशेष समुदाय से आते हैं। सुमित ने बताया कि आरोपी मुस्तफा क्वार्टर निवासी सोहेल के मामा चांद ने दो महीने पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। उस समय बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सोनू से उन लोगों का झगड़ा हुआ था, और सुमित ने सोनू का साथ दिया था। चांद ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि “मैंने मर्डर किए हैं। मैं हरेंद्र राणा के साथ रहता हूं।” तब सुमित ने पुलिस में इसकी शिकायत की थी और धमकी की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को दी थी। उस समय पुलिस ने दो लोगों को शांतिभंग में पकड़ा था, लेकिन चांद पुलिस के हाथ नहीं आया था। सुमित का आरोप है कि चांद के कहने पर ही सोहेल ने उन पर यह हमला किया होगा। अवैध कब्जे का आरोप और पुलिस कार्रवाई सुमित दिवाकर ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी जज कंपाउंड के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने यहां पर लगभग 15-20 मकान बना लिए हैं और पुलिस-प्रशासन को इसकी जांच करनी चाहिए कि ये लोग कौन हैं और कहां से आए हैं। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि भाजपा नेता सुमित दिवाकर की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और सभी संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने आगरा में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर एमजी रोड जैसे पॉश इलाके में, जहां सुरक्षा और कैमरों की मौजूदगी रहती है।

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