आगरा के लोहा व्यापारियों का ‘दर्द’: बोले- ‘नई मंडी बसाओ, ऑनलाइन व्यापार बंद करो’ – भुखमरी का मंडरा रहा संकट!

आगरा। आगरा में लोहा व्यापारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। शनिवार को दयालबाग स्थित द ग्रांड सेलेब्रेशन रिजॉर्ट में हुई लोहा व्यापारी एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में व्यापारियों ने सरकार से एक अलग लोहा मंडी बसाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यापार से उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यापार से मजदूरों पर ‘भुखमरी का संकट’ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक में जिले भर के व्यापारियों ने लोहे के व्यापार में आ रही मंदी, जीएसटी में SIB (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम द्वारा व्यापारियों को परेशान किए जाने और सबसे बढ़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण प्रभावित हो रहे व्यापार पर गहन मंथन किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लोहा व्यापार ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा सीधे ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने से लोहा व्यापार से जुड़े मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि कंपनियों को व्यापार और व्यापारियों के हित में ऑनलाइन व्यापार को तुरंत बंद करना होगा। “नई लोहा मंडी और GST उत्पीड़न पर लगे अंकुश” महासचिव दिनेश अग्रवाल ने सरकार से जीएसटी (GST) से व्यापारियों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि जब एक लाख करोड़ का कर संग्रह हो जाएगा, तो व्यापारियों को जीएसटी में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। दिनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा में नई लोहा मंडी की स्थापना की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि मौजूदा लोहा मंडी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके में है, जिससे बड़े व्यापारी बाजार में नहीं आ पाते। सुरक्षा और पेंशन की भी मांग कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गोयल ने लोहा व्यापार में बड़े पैमाने पर रुपयों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही, करदाता व्यापारी को आजीवन पेंशन और स्वास्थ्य के लिए ‘उद्यमी स्वास्थ्य बीमा’ की व्यवस्था करने की भी मांग सरकार से की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र मंगल, अंजुल जैन, संजय गोयल, आशीष अग्रवाल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ जैन, गिरीश मंगल, विपुल जैन, मनोज जैन, पदम अग्रवाल, पवन गोयल, रामसेवक गोस्वामी, उमेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, शिवम् अग्रवाल, गिरीश गर्ग सहित कई अन्य प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।

आगरा में असलहा बाबू ‘निलंबित’: UIN में की ‘अजीब हेराफेरी’, पंजाब के शख्स के नाम पर चढ़ा दिया आगरा का लाइसेंस!

आगरा। आगरा में शस्त्र लाइसेंस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) में एक बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां के असलहा बाबू ने पंजाब के गुरुदासपुर में रहने वाले एक व्यक्ति के नाम पर गलत UIN दर्ज कर दिया। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छुट्टी के दिन कैसे इस्तेमाल हुई आईडी? दरअसल, यह गड़बड़ी तब सामने आई जब गुरुदासपुर निवासी अर्जन सिंह के नाम पर UIN 295200034518182018 को अप्रैल 2025 में आगरा के आयुध कार्यालय से बदल दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अर्जन सिंह का आगरा से कोई संबंध नहीं है। मामला संज्ञान में आने के बाद ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी को इसकी जांच सौंपी गई। उन्होंने असलहा बाबू प्रशांत कुमार से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ये UIN दर्ज की गई, उस दिन वह छुट्टी पर थे। ऐसे में सवाल उठ खड़ा हुआ कि जब असलहा बाबू छुट्टी पर थे, तो पोर्टल की लॉगिन आईडी का पासवर्ड किसी दूसरे के पास कैसे पहुँचा, क्योंकि बिना पासवर्ड के पोर्टल की लॉगिन आईडी खुल ही नहीं सकती थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने असलहा बाबू प्रशांत कुमार को शुरुआती चरण में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच ADM न्यायिक धीरेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। ओम प्रकाश सिंह की UIN से जुड़ा था मामला, एक और गड़बड़ी भी मिली यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में तैनात रहे ओम प्रकाश सिंह से जुड़ा है। उन्होंने 2010 में शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। सेवानिवृत्त होने के बाद वे झुंझुनू स्थित अपने पैतृक निवास आ गए। मई 2025 में जब वे अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराने झुंझुनू के आयुध विभाग के कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें पता चला कि उनके UIN पर गुरुदासपुर के अर्जन सिंह का नाम आगरा से चढ़ा दिया गया था। ADM प्रोटोकॉल प्रशांत तिवारी ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह ने लाइसेंस तो बनवा लिया था, लेकिन शस्त्र नहीं खरीदा था। जांच में एक नाम रेशम सिंह का भी सामने आया है, जिनकी UIN में भी इसी तरह की गड़बड़ी होने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा, “असलहा बाबू को निलंबित कर दिया गया है। जांच चल रही है। गुरुदासपुर, ऊधमपुर और झुंझुनू के जिलाधिकारी से जवाब मांगा है जो कि अब तक नहीं मिला है।” यह मामला शस्त्र लाइसेंस प्रणाली में बड़े पैमाने पर धांधली की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।

Verified by MonsterInsights