आगरा में राखी बांधने आ रही बहन को फंदे से लटका मिला भाई, इकलौते बेटे ने गोदाम में दी जान!

आगरा। भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन से ठीक पहले आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लोहा मंडी थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा स्थित एक गोदाम में अगरबत्ती कारोबारी के इकलौते बेटे देव सिंघल (22) ने बुधवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रक्षाबंधन पर अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए राजस्थान के सीकर से आ रही बहन खुशी को जब इस दुखद खबर का पता चला, तो वह बेसुध हो गई। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। अंतिम समय तक फोन काटा, फिर मिला फंदे से लटका हुआ शाहगंज थाना क्षेत्र के शांति नगर निवासी अगरबत्ती व्यापारी संजय सिंघल के इकलौते बेटे देव सिंघल अपने पिता के व्यापार में हाथ बंटाते थे। उनकी बेटी खुशी राजस्थान के सीकर में नीट की तैयारी कर रही है, और रक्षाबंधन के चलते संजय बुधवार को अपनी बेटी को लेने गए थे। देव बुधवार शाम करीब 7:00 बजे गोदाम में माल उतारने के बाद घर चले गए और सो गए। लगभग एक घंटे बाद वह घर से हाथ में थैला लेकर स्कूटर से निकल गए। काफी देर तक घर न लौटने पर मां सीमा सिंघल ने उन्हें फोन किया, लेकिन देव ने कॉल काट दिया। उन्होंने अपने पिता और बहन के फोन का भी जवाब नहीं दिया। परिवार को चिंता हुई, जिसके बाद संजय ने रात 11 बजे अपनी पत्नी सीमा को गोदाम पर भेजा। सीमा ने देखा कि स्कूटर बाहर खड़ा था, लेकिन गोदाम का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने पर भी जब गेट नहीं खुला, तो उन्हें शक हुआ। स्कूटर को दरवाजे के पास खड़ा कर उन्होंने रोशनदान से अंदर देखा तो उनका बेटा देव साड़ी से बने फंदे से लटका हुआ था। यह खौफनाक मंजर देखकर सीमा की चीख निकल गई। रक्षाबंधन पर शोक की लहर, पुलिस को नहीं मिली तहरीर सीमा की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। उनकी मदद से दरवाजा तोड़ा गया, लेकिन तब तक देव की मौत हो चुकी थी। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने आई बहन खुशी इस खबर से सदमे में है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

आगरा का कैलाश मेला बना ‘जामला’: 5 मिनट का सफर 3 घंटे में, एम्बुलेंस भी फंसी, प्रशासन की व्यवस्था हुई ‘फेल’!

आगरा। सावन के तीसरे सोमवार को आगरा में आयोजित कैलाश मेला इस बार भक्तों के लिए नहीं, बल्कि भयंकर जाम के लिए चर्चा में रहा। शहर की सड़कों पर ऐसा यातायात प्रभावित हुआ कि आमतौर पर 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों को पूरे 3 घंटे लग गए। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि कई एम्बुलेंस भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं, जिससे प्रशासन की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आई। रूट डायवर्जन के बावजूद सड़कों पर ‘वाहनों का रेला’ शाम 6 बजे से भगवान शिव के भक्तों का मेला देखने के लिए निकलना शुरू हुआ और हजारों की संख्या में लोग कैलाश मेले में पहुँचे। जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर तीन से चार घंटे तक भारी जाम लगा रहा। भगवान टॉकीज से मथुरा की ओर जाने वाले वाहन सिकंदरा पर बुरी तरह फंस गए, क्योंकि प्रशासन के प्लान के बावजूद कई बड़े वाहन मेले की ओर चले गए। गुरु के ताल वाला मार्ग भी जाम से अछूता नहीं रहा, वहाँ भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रशासन ने सिकंदरा की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन लोग वैकल्पिक रास्तों से वहाँ तक पहुँच गए, जिससे और अधिक जाम लग गया। शहर के कई इलाकों में लगा जाम का ‘झाम’ कैलाश मेले की वजह से शहर की अन्य छोटी-बड़ी सड़कों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया, और कई जगह जाम लग गया। मदिया कटरा, लोहा मंडी, हरी पर्वत, भगवान टॉकीज, सिकंदरा, बोदला, और मेले के आसपास के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बार के कैलाश मेले में यातायात प्रबंधन की यह विफलता प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई, जिससे भक्तों को असुविधा और आपातकालीन सेवाओं में बाधा का सामना करना पड़ा।

आगरा के लोहा व्यापारियों का ‘दर्द’: बोले- ‘नई मंडी बसाओ, ऑनलाइन व्यापार बंद करो’ – भुखमरी का मंडरा रहा संकट!

आगरा। आगरा में लोहा व्यापारी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। शनिवार को दयालबाग स्थित द ग्रांड सेलेब्रेशन रिजॉर्ट में हुई लोहा व्यापारी एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में व्यापारियों ने सरकार से एक अलग लोहा मंडी बसाने और ऑनलाइन ट्रेडिंग बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। उनका कहना है कि ऑनलाइन व्यापार से उन्हें भुखमरी का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यापार से मजदूरों पर ‘भुखमरी का संकट’ एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बैठक में जिले भर के व्यापारियों ने लोहे के व्यापार में आ रही मंदी, जीएसटी में SIB (विशेष अनुसंधान शाखा) टीम द्वारा व्यापारियों को परेशान किए जाने और सबसे बढ़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारण प्रभावित हो रहे व्यापार पर गहन मंथन किया। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से लोहा व्यापार ‘अस्तित्व की लड़ाई’ लड़ रहा है। बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा सीधे ऑनलाइन ऑर्डर बुक करने से लोहा व्यापार से जुड़े मजदूरों और छोटे व्यापारियों पर भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है। व्यापारियों ने मांग की है कि कंपनियों को व्यापार और व्यापारियों के हित में ऑनलाइन व्यापार को तुरंत बंद करना होगा। “नई लोहा मंडी और GST उत्पीड़न पर लगे अंकुश” महासचिव दिनेश अग्रवाल ने सरकार से जीएसटी (GST) से व्यापारियों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि जब एक लाख करोड़ का कर संग्रह हो जाएगा, तो व्यापारियों को जीएसटी में राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। दिनेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आगरा में नई लोहा मंडी की स्थापना की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि मौजूदा लोहा मंडी अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाके में है, जिससे बड़े व्यापारी बाजार में नहीं आ पाते। सुरक्षा और पेंशन की भी मांग कोषाध्यक्ष राकेश कुमार गोयल ने लोहा व्यापार में बड़े पैमाने पर रुपयों के आदान-प्रदान का जिक्र करते हुए व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने व्यापारियों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही, करदाता व्यापारी को आजीवन पेंशन और स्वास्थ्य के लिए ‘उद्यमी स्वास्थ्य बीमा’ की व्यवस्था करने की भी मांग सरकार से की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र मंगल, अंजुल जैन, संजय गोयल, आशीष अग्रवाल, मोहित गोयल, सिद्धार्थ जैन, गिरीश मंगल, विपुल जैन, मनोज जैन, पदम अग्रवाल, पवन गोयल, रामसेवक गोस्वामी, उमेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, शिवम् अग्रवाल, गिरीश गर्ग सहित कई अन्य प्रमुख व्यापारी मौजूद रहे।

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