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आगरा में अमानवीय घटना: मां ने नवजात बच्ची को झाड़ियों में फेंका, राहगीर की सूझबूझ से बची जान!

आगरा। आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को जन्म के तुरंत बाद सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। यह अमानवीय कृत्य खंदौली क्षेत्र के जलेसर रोड स्थित फाजिलपुर के पास हुआ। गनीमत रही कि एक राहगीर की सूझबूझ और तत्परता से इस मासूम की जान बच गई।


झाड़ियों में रोने की आवाज़ सुनकर राहगीर ने बचाया

फाजिलपुर निवासी कुलदीप परमार जब उस रास्ते से गुजर रहे थे, तो उन्हें झाड़ियों के भीतर से किसी बच्चे के रोने की आवाज़ सुनाई दी। आवाज सुनकर कुलदीप ने तुरंत झाड़ियों की तलाशी ली और वहाँ कपड़ों में लिपटी एक नवजात बच्ची को पड़ा हुआ पाया। मानवता दिखाते हुए, कुलदीप ने बिना किसी देरी के पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी।


अस्पताल में भर्ती कराने के लिए 3 घंटे की मशक्कत

सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर सीएचसी खंदौली ले गई। 108 एंबुलेंस चालक प्रदीप कुमार ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत आल यूपी एंबुलेंस ऑपरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रवि सिसोदिया को जानकारी दी।

रवि सिसोदिया के अनुसार, शुरू में कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, रवि सिसोदिया ने जिलाधिकारी (DM) और एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से संपर्क किया। उनके हस्तक्षेप के बाद ही, देर रात बच्ची का एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज शुरू हो सका।

लगभग तीन घंटे की मशक्कत और वेलफेयर एसोसिएशन व जिलाधिकारी के अथक प्रयासों के बाद ही इस मासूम बच्ची को चिकित्सा सुविधा मिल पाई। बच्ची का वजन मात्र डेढ़ किलो है और उसे कपड़ों में लपेटकर झाड़ियों में छोड़ दिया गया था। फिलहाल, बच्ची की स्थिति पर डॉक्टरों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है। यह घटना समाज में संवेदनहीनता और नवजात शिशुओं के प्रति बढ़ती लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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