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आगरा को मिल रहा ‘शाही’ तोहफा: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कल करेंगी ब्रिटिशकालीन ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ का उद्घाटन!

आगरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कल, 30 जुलाई को आगरा के दौरे पर रहेंगी, जहाँ वह लगभग 4 घंटे बिताएंगी। इस दौरान उनका मुख्य कार्यक्रम ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ का उद्घाटन करना होगा, जिसका ₹3.30 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अलावा, राज्यपाल नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगी। प्रशासन की ओर से उनका विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।


राज्यपाल का व्यस्त कार्यक्रम: नेशनल चैंबर से लाइब्रेरी तक

राज्यपाल बुधवार को दोपहर 3:30 बजे फतेहाबाद रोड स्थित डी ग्राउंड मार्क्विस पहुँचेंगी। यहाँ वे नेशनल चैंबर के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शिरकत करेंगी और लगभग डेढ़ घंटे तक वहाँ रुकेंगी। इसके बाद शाम 5 से 5:15 बजे का समय उनके लिए आरक्षित रखा गया है।

शाम 5:25 बजे, राज्यपाल सदर स्थित ‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’ पहुँचेंगी। वे यहाँ शाम 7 बजे तक रहेंगी। लाइब्रेरी के उद्घाटन और निरीक्षण के बाद, शाम 7:15 बजे वे खेरिया हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगी।


‘क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी’: इतिहास और आधुनिकता का संगम

आगरा की यह प्रतिष्ठित लाइब्रेरी, जिसे ₹3.30 करोड़ की लागत से पुनर्जीवित किया गया है, अब आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें डिजिटल लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष पुस्तकें और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

यह लाइब्रेरी ब्रिटिश काल में स्थापित हुई थी और इसका उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना रहा है। अब इसमें 19 कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा भी है। लाइब्रेरी में पहले इतिहास, बायोग्राफी, डिक्शनरी सहित दूसरी पुस्तकें थीं। अब ₹16 लाख की लागत से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल, मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए भी पुस्तकें जोड़ी गई हैं। लाइब्रेरी को पूरी तरह से डिजिटल भी बनाया गया है।

पिछले दिनों मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने लाइब्रेरी का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था।


लाइब्रेरी की खूबियाँ और इतिहास

  • बैठने की क्षमता: लाइब्रेरी में एक समय में 60 व्यक्तियों के बैठने की व्यवस्था है, और वर्तमान में 100 सदस्य इसका लाभ ले भी रहे हैं।
  • पुस्तकों का संग्रह: पहले से 3500 पुस्तकें थीं, जिनमें कई प्राचीनतम इतिहास को संजोए हुए हैं। साहित्य और अन्य तरह की एक हजार पुस्तकें दान में प्राप्त हुई हैं, वहीं ₹16 लाख से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकों का संकलन किया गया है।
  • आधुनिक सुविधाएँ: 19 कंप्यूटर की डिजिटल लाइब्रेरी, 600 स्क्वायर मीटर का कैफेटेरिया, 750 स्क्वायर मीटर का बुक स्टोर और सामान सुरक्षित रखने के लिए 4 लॉकर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
  • पार्किंग: 40 कारों की पार्किंग की व्यवस्था भी है।
  • ईवेंट पार्क: 1287 स्क्वायर मीटर का ईवेंट पार्क भी मौजूद है।

यह सार्वजनिक पुस्तकालय ब्रिटिश काल में बना था और उत्तर भारत की प्राचीनतम लाइब्रेरियों में से एक है। बताया जाता है कि क्वीन मैरी एलिजाबेथ जब पहली बार आगरा आई थीं, तब मैसर्स ए. जॉन एंड कंपनी द्वारा उनकी पहली यात्रा को यादगार बनाने के लिए वर्ष 1961 में इसका नाम क्वीन एम्प्रेस मैरी लाइब्रेरी रखा गया था।

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