
आगरा। समाजवादी पार्टी की आगरा इकाई में चल रही ‘अंदरूनी महाभारत’ अब सड़क पर आ गई है! PDA के मुख्य घटक सपा में आपसी फूट इतनी बढ़ गई है कि पार्टी के दो धड़े एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराने लगे हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव के करीबी संदीप ने अब आगरा के थाना ताजगंज में पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ जान से मारने की धमकी और मारपीट का गंभीर मुकदमा दर्ज कराया है।
पलटवार: FIR पर FIR, कलह की नई ‘किस्त’
यह मामला तब और गरमा गया है जब इससे पहले खुद सत्यभान यादव पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला और धमकाने के संबंध में थाना ताजगंज में FIR दर्ज करा चुके हैं। यानी, यह सीधे-सीधे एक-दूसरे पर पलटवार का मामला बन गया है, जो सपा की आगरा इकाई में बढ़ती दरार को साफ दिखाता है।
क्या है संदीप का आरोप?
जगदीशपुरा, नई आबादी बोदला निवासी संदीप ने 19 जुलाई को थाना ताजगंज में सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव और पूर्व जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। संदीप का कहना है कि सत्यभान और रामगोपाल बघेल काफी समय से उनसे और रामसहाय यादव, पवन यादव से रंजिश रखते हैं।
संदीप के मुताबिक:
- 8 जुलाई को शाम लगभग 5.15 बजे सत्यभान ने उन्हें गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।
- 9 जुलाई को दोपहर लगभग 12 बजे रामगोपाल और सत्यभान ने उन्हें बिचपुरी-बोदला रोड पर एक खाली जगह पर पकड़ लिया। आरोप है कि उन्होंने अवैध असलाह दिखाते हुए डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी दी।
संदीप ने बताया कि जब उन्होंने चिल्लाया, तो कुछ राहगीर इकट्ठा हो गए और उन्हें बचाया।
पहले क्या हुआ था? सत्यभान यादव की FIR
आपको याद दिला दें कि इस घटना से पहले, 15 जुलाई को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सत्यभान यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव सहित 4 लोगों पर जानलेवा हमला कराने और धमकाने का आरोप लगाया था। इस मामले में भी थाना ताजगंज में FIR दर्ज हो गई है। सत्यभान का कहना है कि उनके खेत पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया और धमकी भी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
इस मामले में, थाना ताजगंज अंतर्गत बुढ़ाना निवासी सत्यभान यादव की शिकायत पर पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को प्रार्थना पत्र देने के बाद, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राम सहाय यादव, लखेंद्र यादव उर्फ लख्खो, पवन यादव सहित 4 अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
सपा के अंदरूनी कलह का यह बढ़ता ग्राफ पार्टी की एकजुटता के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस ‘महाभारत’ को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।