
आगरा। आगरा में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में थाना कोतवाली में 6 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। इस एफआईआर में दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल के साथ-साथ रेलवे के पार्सल की ढुलाई करने वाले दो भाई यूनिस और वारिस भी शामिल हैं।
रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किए गए हिमांशु अग्रवाल को विजिलेंस कोर्ट मेरठ भेज दिया गया है, जबकि पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

ऑटो चालक के बयान से खुला राज
ड्रग विभाग और एसटीएफ ने 22 अगस्त को हे मां मेडिकोज के गोदाम पर छापा मारा था, जहां से भारी मात्रा में नकली दवाएं बरामद हुईं। इसी दौरान एसटीएफ ने चेन्नई से नकली दवाओं से भरा एक लोडिंग ऑटो भी पकड़ा। ऑटो चालक आकिर ने पूछताछ में बताया कि बोरों में दवा की जगह लेदर होने की बात कही गई थी।
आकिर ने खुलासा किया कि वह सुल्तानपुरा निवासी भाई यूनिस और वारिस के लिए काम करता है, जो रेलवे से आने वाले माल की ढुलाई का काम करते हैं। चालक ने यह भी बताया कि लड़ामदा निवासी फरहान और वारिस भी उसके साथ थे, लेकिन माल पकड़े जाने पर वे भाग गए।
पुलिस ने एफआईआर में लखनऊ के विक्की कुमार और आलमबाग के सुभाष कुमार को भी नामजद किया है, जिनके नाम पर नकली दवाओं का बिल कटा था।