Agra News: नगला बूढ़ी हादसा: लापरवाही पर DCP-ACP को फटकार, गैर इरादतन हत्या में इंजीनियर जेल

   Agra News नगला बूढ़ी हादसे के आरोपित इंजीनियर अंशुल गुप्ता को पहले जमानत मिली, फिर पुलिस आयुक्त की फटकार के बाद ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा बढ़ाकर रविवार को जेल भेजा गया। क्षेत्र में पुलिस तैनात। View this post on Instagram A post shared by Today Express (@todayexpressagra) आगरा के न्यू आगरा क्षेत्र में शुक्रवार रात शराब के नशे में तेज रफ्तार कार दौड़ाकर पांच लोगों की जान लेने के आरोपित सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंशुल गुप्ता को अंततः गैर इरादतन हत्या के मामले में रविवार को जेल भेज दिया गया। नोएडा स्थित एरिक्सन कंपनी में कार्यरत यह इंजीनियर दिवाली पर परिवार के साथ घर आया था, लेकिन उसकी एक लापरवाही ने कई परिवारों की खुशियाँ छीन लीं। केन्द्रीय हिंदी संस्थान रोड पर शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे यह भीषण हादसा हुआ। आरोपित अंशुल गुप्ता ने पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए अपनी कार को दौड़ा दिया। अनियंत्रित टाटा नेक्सन कार ने पहले जोमैटो डिलीवरी बॉय भानु प्रताप मिश्रा को रौंदा, फिर एक-एक करके सात लोगों को चपेट में ले लिया। कार अंततः घर के सामने बैठे लोगों पर पलट गई। इस हादसे में भानु प्रताप मिश्रा, बंटेश, कमल, कृष व बबली की मृत्यु हो गई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने चालक अंशुल गुप्ता को कार से निकालकर बुरी तरह पीटा था। मेडिकल जांच में आरोपित इंजीनियर के नशे में होने की पुष्टि हुई है। न्यू आगरा पुलिस की लापरवाही: आरोपी को मिली थी जमानत इस गंभीर और संवेदनशील मामले में न्यू आगरा पुलिस की शुरूआती कार्रवाई में गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्थानीय लोगों के आक्रोश और पांच मौतों के बावजूद, न्यू आगरा पुलिस ने आरोपित इंजीनियर पर सिर्फ लापरवाही से वाहन चलाने (मामूली धाराएँ) का मामला दर्ज किया। इस कमजोर विवेचना के कारण, जब आरोपित को पहली बार कोर्ट में पेश किया गया, तो उसे आसानी से जमानत मिल गई। इससे पूरे नगला बूढ़ी इलाके के लोगों में आक्रोश और बढ़ गया और परिजन आरोपित कार चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस आयुक्त का सख्त हस्तक्षेप: DCP-ACP को आड़े हाथों लिया मामला संज्ञान में आने पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने तत्काल देर रात पूरे मामले से खुद बैठकर कार्रवाई कराई। पुलिस आयुक्त ने इस गंभीर लापरवाही के लिए डीसीपी सिटी और एसीपी को बुरी तरह फटकार लगाई और विवेचना अधिकारी को बदलने का निर्देश दिया। पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद, मुकदमे में गैर इरादतन हत्या (Non-Homicide) की धारा बढ़ाई गई। विवेचना की जिम्मेदारी न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर राजीव त्यागी ने ग्रहण की। त्यागी ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए, जिन्होंने आरोप लगाया था कि अंशुल गुप्ता ने पहले ही चक्कर के बाद कार रोकने की बजाय रफ्तार और तेज कर दी थी और वह नशे में कार दौड़ा रहा था। रविवार को दोबारा कोर्ट में पेशी और जेल गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ाए जाने के बाद, न्यू आगरा पुलिस ने रविवार को आरोपित इंजीनियर अंशुल गुप्ता को फिर से न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपित के जेल जाने के बाद ही पुलिस प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली। सुरक्षा की दृष्टि से हादसे के तीसरे दिन रविवार को भी नगला बूढ़ी में भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। एडीसीपी सिटी आदित्य ने बताया कि आरोपित इंजीनियर को जेल भेज दिया गया है और नगला बूढ़ी में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। पुलिस अब घटना स्थल से पुख्ता साक्ष्य जुटा रही है ताकि कोर्ट में आरोपित को कड़ी सजा दिलाई जा सके। Agra News: नगला बूढ़ी हादसा: 5 मृतकों के परिजनों से मिले सपा नेता कोहली, सरकार से 1 करोड़ मुआवजे की मांग Abhimanyu Singh Views: 577